What is the GIFT NIFTY, GIFT NIFTY in detail

GIFT NIFTY actual में क्या है?

3 July से stock market में ट्रेडिंग के लिए एक चीज बदल गई है, सुबह सुबह उठकर traders सबसे पहले, SGX Nifty कहा पे है, ये देख के उस दिन का market कैसा होगा और Nifty कहाँ पे देखने को मिल सकता है, इसका अनुमान लगाते थे। अब SGX Nifty, इसके आगे से GIFT Nifty इस नाम से जाना जाएगा। भारत को ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर बनाने के उद्देश्य से SGX Nifty इक्विटी इंडेक्स भारत के Gujarat International Finance Tec-City (GIFT City) से ट्रेड किया जाएगा।

अगर कम शब्द में बोला जाए तो SGX Nifty का rebranding हो गया है, GIFT Nifty इस नाम से। भारत ने लिया हुआ ये decision भारत के ग्लोबल ट्रेडिंग के लिए बहुत इंपोर्टेंट है और भारत को एक ग्लोबल ट्रेडिंग सेंटर बनाने के लिए भी यह बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम जानने वाले हैं इस विषय के बारे में और भारत ने यह स्टेप क्यू लिया, SGX Nifty का नाम क्यू बदला और अब भारत से क्यू ट्रेड किया जाएगा इसकी जानकारी लेंगे।

SGX Nifty का नाम क्यू बदला?

सबसे पहले जानते हैं GIFT City के बारे में। GIFT City का फुल फॉर्म Gujarat International Finance Tec-City है। Gujarat International Finance Tec-City यानी GIFT City ये गांधीनगर, गुजरात में पहला ऑपरेशनल ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। इसके साथ ही यहां एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र भी है। जिसे हमारी सरकार दुनिया भर के अन्य वैश्विक वित्तीय केंद्रों की तर्ज पर प्रतिस्पर्धा के लिए स्थापित करना चाहती है। उदाहरण के लिए, दुबई, मॉरीशस, सिंगापुर वैश्विक वित्तीय केंद्रों का घर है और अब भारत भी अपने GIFT City को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है।

पहले SGX Nifty सिंगापुर से संचालित एक इक्विटी इंडेक्स था। जो अब भारत से संचालित हो रहा है। SGX Nifty, NSE के निफ्टी इंडेक्स का first cross border initiative है, जो भारत और सिंगापुर दोनों के capital market को जोड़ता है। Singapore exchange का SGX और NSE का Nifty इन दोनों को मिला के SGX Nifty होता है।

नाम बदलने से क्या फर्क पड़ेगा?

NIFTY50, NSE के टॉप 50 कंपनी का इंडेक्स है। इस इंडेक्स में सिंगापुर ने F&O मतलब फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस 2000 साल में शुरू किया था। मतलब 23 साल पहले पहले शुरू किया था। इसका FII बहुत अच्छा लाभ उठाते थे। FII ने भारत में बहुत प्रमाण में इन्वेस्ट्मेंट की है। हररोज FII एवरेज 10 बिलियन डॉलर के करीब की hedging करते थे। यह hedging सिंगापुर निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से होती थी। इसका कारण है ग्लोबल इन्वेस्टर्स। क्योंकि हर देश का टाइम झोन अलग है, जापान से लेकर USA तक के सभी इन्वेस्टर्स को इन्वेस्ट करने का chance मिले इसलिए इसके solution के लिए SGX Nifty हर रोज इंडियन मार्केट शुरू होने से पहले ओपन होता था और इंडियन मार्केट बंद होने के बाद भी चालू रहता था।

मतलब 21 घंटे ट्रेडिंग चालू रहती थी। अब ये ट्रेडिंग गिफ्ट सिटी, भारत से चलेगी। मतलब अब यह सब ट्रेडिंग GIFT City से GIFT Nifty इस नाम से चलने वाली है। इसका टाइमिंग 6:30 am to 3:40 pm और 4:35 pm to 2:45 am ऐसा रहेगा। मतलब पूरे 21 घंटे ट्रेडिंग चलेगी और इसके विपरीत देखा जाए तो इंडिया का मार्केट 9:15am को शुरू होकर 3:30 को बंद होता है। सुबह 6:30 am को GIFT Nifty शुरू होगा इसलिए जापान में जो इन्वेस्टर्स है वह भी इन्वेस्ट कर सकते हैं और सुबह के 2:45 a.m. तक मार्केट चालू रहेगा इसलिए USA के इन्वेस्टर्स भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। 

FII की hedging का हररोज का एवरेज टर्नओवर 10 Billion dollar के आसपास रहता हैं। FII ने इंडिया में भारी प्रमाण में निवेश किया है। अगर संख्या में बताया जाए तो इंडियन मार्केट का जो मार्केट कैप है 3.5 ट्रिलियन डॉलर उसका 20 परसेंट ओनरशिप FII ओन करते हैं। मतलब 750 Billion dollar कैपिटल FII का है, जो कि इंडियन फॉरेक्स रिजर्व से भी ज्यादा है और इसमें वह 10 Billion dollar का एवरेज डेली hedging करते थे। मतलब 10 Billion dollar का डेली एवरेज टर्नओवर करते थे। यह हेजिंग सिंगापुर निफ़्टी कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार होता था, डेली का 10 Billion dollar की hedging मतलब 10 Billion dollar का ओपन इंटरेस्ट यह बहुत बड़ा डाटा है और इसी वजह से भारत ने इसका फायदा लेने का सोचा है।

GIFT NIFTY PRODUCTS
  • GIFT Nifty50
  • GIFT Nifty Bank
  • GIFT Nifty Financial Services
  • GIFT Nifty IT derivatives contract
GIFT NIFTY के Advantages

अभी इसके Advantages क्या है यह जानते हैं। फिलहाल सिंगापुर के ब्रोकर और इंटरनेशनल ब्रोकर के साथ ये Clients काम करते हैं।  इसमें वर्ल्ड के बड़े-बड़े असेट्स अंडर मैनेजमेंट, हेज फंड्स वाले और पेंशन फंड्स वाले Clients है और इन्होंने भारत में भारी प्रमाण में इन्वेस्टमेंट्स की है यह पहले Hedging के लिए सिंगापुर के ब्रोकर थ्रू इन्वेस्टमेंटऔर Hedging किया करते थे। अब यह सब बड़े-बड़े इन्वेस्टमेंट फंड्स NSE के ब्रोकर थ्रू इन्वेस्टमेंट्स कर सकते हैं और सब यह बाहर के बड़े-बड़े फंड्स वाले Clients इंडियन ब्रोकरर्स को मिल सकते हैं।

GIFT City में सिंगापुर की तुलना में कॉस्ट एडवांटेजेस, ह्यूमन कैपिटल है। अगर इसका फायदा ठीक से लिया जाए तो NSE के ब्रोकर्स इंटरनेशनल ब्रोकर को इस पर्टिकुलर इंडेक्स में रिप्लेस कर सकते हैं। इससे पहले SGX पर ट्रेड करने के लिए आपको अपने पैसे डॉलर में कन्वर्ट करने पड़ते थे और अब भारत में भी ट्रेडिंग पैसे डॉलर में कन्वर्ट करने पडेंगे। SGX Nifty से जो Nifty मार्केट का पुर्व अंदाज़ मिलता था, वह अब भी मिलने वाला हैं और उसमें कुछ ज्यादा फर्क देखने नहीं मिलेगा। भारत को  गुजरात GIFT City के थ्रू ग्लोबल बेंचमार्क सेट करना है। रेगुलेशन, टैक्स, इसी के साथ पॉलिसीज का भी बेंच मार्क सेट करना है और इसी वजह से भारतने गुजरात के GIFT City को Select किया है ताकि उस के थ्रू रेगुलेशन, न्यू पॉलिसी, टैक्स इन सब का एक ग्लोबल बेंचमार्क सेट हो।

यह स्टेप आखिर भारत ने क्यू उठाया? 

इसमें से जो ट्रेड होगा उसमें से 75% रिवेन्यू है वह भारत का रहने वाला है और 25% रेवेन्यू सिंगापुर का रहने वाला है और इसके ऑपोजिट जो सिंगापुर में ट्रेड होगा उसमें से 75% रिवेन्यू है वह सिंगापुर का रहेगा और 25% भारत का रहेगा। इसमें जब वॉल्यूम धीरे-धीरे जब बढ़ने लगेगा तब इसका फायदा भारत को हो सकता हैं। इसी वजह से यह Decision लिया गया है। ऐसा कहा जा रहा है, कि यह Decision से डॉलर की तुलना में रुपया Strong हो सकता है, पर इसके लिए रुपए की Demand भी बढ़नी चाहिए और भारत का एक्सपोर्ट भी बढ़ना चाहिए।

भारत को एक फ़ायदा यहाँ हो सकता है और वो, ये है की जैसे पहले FII को सिंगापुर में SGX Nifty के थ्रू ट्रेड करने के लिए उनके पैसे डॉलर में कन्वर्ट करने पड़ते थे वैसे ही, अब FII को GIFT Nifty में ट्रेड करने के लिए उनके पैसे डॉलर में कन्वर्ट करने होंगे। इस वजह से भारत के पास फॉरेक्स रिज़र्व बढ़ सकता है और ये भारत के लिए अच्छी बात है। अब GIFT Nifty के थ्रू इंडिया सेंट्रिक जो ट्रेडिंग है उसके लिए FII इन्वेस्टर्स को आकर्षित किया जा सकता हैं। भारतीय प्रोडक्ट्स को funds उपलब्ध हो सकता है। इसी के साथ भारतीय प्रोडक्ट के जो प्राइस है यह डॉलर में मतलब इंटरनेशनल प्राइस के साथ सेट करने के लिए कोशिश की जाने वाली है।

What is the trading hours of GIFT NIFTY?

The first session from 6.30 am to 3.40 pm and the second session from 4.35 pm to 2.45 am the following morning.

What is the products of GIFT NIFTY?

GIFT Nifty products are GIFT Nifty50, GIFT Nifty Bank, GIFT Nifty Financial Services, GIFT Nifty IT derivatives contract.

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